May 9, 2015

भगवान तुंगनाथ के खुले कपाट



भगवान तुंगनाथ के खुले कपाट
रुद्रप्रयाग। मध्य हिमालय स्थित तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार को पारंपरिक रीति रिवाज और भोलेनाथ के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। अब आगामी छह माह तक भगवान तुंगनाथ की यहीं पूजा अर्चना की जाएगी।
गुरुवार रात्रि दूसरे पड़ाव चोपता में रात्रि विश्राम करने के पश्चात शुक्रवार की सुबह भगवान तुंगनाथ की विशेष पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात करीब आठ बजे डोली ने तुंगनाथ की ओर प्रस्थान किया। उत्सव डोली करीब 11 बजे मंदिर परिसर पहुंची। यहां भक्तों ने शिव के जयकारों के साथ उत्सव डोली का स्वागत किया। मंदिर समिति के कर्मचारी व हक हकूकधारियों की मौजूदगी में 11.30 बजे शुभ मुर्हुत कर्क लग्न में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके पश्चात उत्सव डोली से पंचकेदार, पार्वती व भूतनाथ की मूर्तियों को उतार कर मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर तुंगनाथ की पूजा अर्चना की गई। कपाट खुलने के दिन स्थानीय व दूर दराज क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान तुंगनाथ के दर्शनों के लिए उमड़ पड़े।
तुंगनाथ मंदिर में भगवान शिव के ह्दय व बाहु के दर्शन किए जाते हैं। इस मौके पर मंदिर समिति के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, मठापति रामप्रसाद मैठाणी, रविन्द्र मैठाणी, महेशानंद मैठाणी, मुकेश मैठाणी, जीतपाल सिंह भंडारी सुरेन्द्र मैठाणी समेत भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
Source - jagran.

M1